वार्तालाप प्वाइंट वार्ता न. 273
स्टूडेन्ट- बाबा, महाशिवरात्रि का अर्थ क्या है ?
बाबा - ऐसी रात्री जो कल्याणकारी है। है रात्रि; लेकिन कल्याणकारी। ऐसी कल्याणकारी है जितनी कल्याणकारी और कोई रात्रि होती नहीं। द्वापर-कलियुग है सारी रात्रि और उस द्वापर-कलियुग रूपी रात्रि में बडे़-बडे़ भगवान बनने वाले आए। जिनको लोगों ने क्या समझ लिया? कि ये भगवान है; लेकिन वो सब छोटी छोटी रात्रियाँ उतनी कल्याणकारी रात्रियाँ नहीं है। जितनी महाशिवरात्री है। घोर अज्ञान अंधकार की रात्रि। इब्राहिम आए तो उस समय इतना अज्ञान अंधकार नहीं फैला हुआ था। धर्म की बातों को लेकर के, धर्म स्थानों को लेकर के, आपस में झगड़े हों।.....
.बाद में धर्म की बातों को लेकर के झगड़ा-झगड़ना शुरू हुआ और अभी तो धर्म की बातों को ही लेकर के झगड़े हैं सारे। धारणाओं को ही लेकर के सारे झगड़े हैं। कोई कहते हैं कि हमारी बात सच है, तो कोई कहते हैं हमारी बात सच है। क्या सच है वो कोई को पता ही नहीं चलता। सब अज्ञान अंधकार में हैं। इसीलिए महाशिवरात्री इतना बड़ा अज्ञान कभी फैलता नहीं; लेकिन भगवान के आने से वो रात्रि भी कल्याणकारी बन जाती है। घोर अंधेरे के बाद फिर घोर सोजरा होता है।
समय: 34.16
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