Monday, September 21, 2020

Dear visitors
इस संगमयुग पर ही तुम अमरपद पाते हो। वहाँ कोई रोग बीमारी आदि कुछ भी नहीं होगा । सतोप्रधान  दुनिया  होती है ना , सब निरोगी बनते हैं। वहाँ कोई भी आत्मा रोग वाली नहीं होगी। तो बाप तुम बच्चों को 100 परसेनट हेल्दी बनाते हैं। तो ऐसे बाप को कितना खुशी से याद करना चाहिए। और हर्षितमुख होकर के याद करना चाहिए। क्या ? रो  रो के याद  नहीं करना चाहिए बाबा हमको ये दुख है। बाबा हम ये परेशानी में है , बाबा हम वो परेशानी में है। नहीं, ये जो परेशानियाँ है ये रोने से खत्म होने वाली  नहीं है। क्योंकि पूर्व जन्म का जो हिसाब किताब हमने बांधा है वो तो हमको ही काटना पड़ेगा। तो हर्षितमुख होकर के रहना चाहिए।
 बाप गारण्टी देते हैं मीठे मीठे बच्चों तुम्हारे जो भी पाप है जिन पापों के कारण तुम इस जन्म में दुखी होते आए हो ,वो सारे पाप इस योगाग्नि से  तुम्हारे पाप भस्म हो जावेंगे। एक ही जन्म में सारे पाप भस्म हो जावेंगे। 5000 वर्ष पहले भी तुम निरोगी बने थे। अनेकानेक बार  तुम  निरोगी बने हो। बाप ने स्मृति दिलाई है, बरोबर हम आत्माएँ हर 5000 वर्ष के बाद श्रीमत पर चल एवरहेल्दी और एवरवेल्दी बनते हैं , सो भी जन्मजन्मान्तर 21 जन्मों के लिए । जो अभी पुरूषार्थ कर पद पावेंगे वो ही कल्प कल्प पाते रहेंगे। क्या ? अभी चूक गए तो 5000 वर्ष के बाद फिर चूक जावेंगे।

Vcd- 1292
स्टूडेन्ट- शिव बाप परमधाम जाने के बाद भी पढ़ाई चलती रहेगी क्या?
 
बाबा -  सुप्रीमसोल बाप किसको पढ़ाने आते हैं? सूर्यवंशी बच्चों को 
पढ़ाने आते हैं और सूर्यवंशी बच्चे उनकी पढ़ाई पूरी हो गई। तो वो बच्चे औरों को पढ़ाई नहीं पढ़ाय सकते? जनरल जो आज की दुनियां में भी काॅलेजेस्, स्कूल होते हैं तो उनमें भी 
माॅनिटर होता है। टीचर नहीं होता है तो माॅनिटर कन्ट्रोल करता रहता है। बेहद की पढ़ाई है। पढ़ाई पढ़ने में भी नम्बरवार है। कोई बहुत आगे-आगे जाते हैं। पूरी क्लास में उनका टाॅप नम्बर आता है।

वार्तालाप प्वाइंट        वार्ता न. 293

स्टूडेन्ट- बाबा निद्रा और योगनिद्रा में अंतर क्या है?
 
बाबा - योग किससे ? 

स्टूडेन्ट - शिवबाबा से।

बाबा - शिवबाबा याद है, सोते-सोते भी याद है तो योग निद्रा है और निद्रा है ; लेकिन बाबा याद नहीं है, दुनियावी ही स्वप्न आते हैं, दुनियावी ही चेहरे याद आते हैं तो निद्रा है।

समय-17.40

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