मैं तुमकोे राजाओं का राजा बनाने के लिए आया हूँ। हाँ, तो अब जन्म-जन्मान्तर की जो राजाई है वो नहीं लेंगे क्या ? अच्छा पुरूषार्थ नहीं करेंगे क्या ? अरे, पेट के लिए माथा मारना ये तो कीडे़-मकौडे़ पशु-पक्षी सारों का ये ही धंधा है और जन्म-जन्मान्तर से सब ये ही धंधा करते चले आए;क्या? पेट के लिए दो रोटी चाहिए। और भी कुछ चाहिए? दो रोटी मिलती रहे आदमी जिंदा रहेगा। हा, अभी , अभी क्या करना है ? अभी ये बुद्धिरूपी पेट भरतू कर लेना है। ये आत्मा रूपी मनबुद्धि इसको भरतू कर लेंगे,तो जन्म-जन्मान्तर के लिए पाॅवरफुल आत्मा बनकर के सुखी रहेंगे। क्या ? पाॅवर होती है, शक्ति होती है तो क्या होता है रिजल्ट ? सुख भोगा जा सकता है। अगर शक्ति नहीं है, पाॅवर नहीं है कोई भले अरबपति, करोड़पति के घर में जाकर के जन्म लेंगे और शरीर से लुंजम-पुंजम पैदा हुआ है तो वो अरबपति और करोड़पति का सुख ले सकेगा? नहीं ले सकेगा ना ? तो ऐसे ही ये आत्मा जो मनबुद्धि है जो कमजोर हो जाती है अनेक जन्म लेते-2 तो उससे सुख नहीं भोगा जा सकता। देखा जाता है बहुत रहीस लोग पडे़ हुए हैं बडे़ पहलवान पडे हुए हैं और घड़ी -2 में नाराज हो जाते हैं, इाग बबूला हो जाते हैं। उनको लोभ भी आता है। अंहकार आता है। छोटी -2 सी बातों में महाकामी बन जाते हैं। अपने को रोक नहीं पाते। दुनिया में भले बेइज्जती हो जाए बाप कहते हैं बच्चे अब मैं तुम्हें शक्ति देने आया हूँ। मुझे कहते हैं सर्वशक्तिवान, मैं सर्वशक्तिवान आकर के तुम बच्चों को सर्वशक्तिवान बनाता हूँ। अभी जो पाना है सो पा लो। फिर किसी जन्म में नहीं आऊँगा।
Vcd- 216
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