बाप कहते हैं बच्चे अब अनिश्चयबुद्धि बनने का टाइम नहीं है। निश्चयबुद्धि विजयते। मैं आया हुआ हूँ तुमको जन्म-जन्मान्तर की राजाई देने के लिए। क्या ? एक जन्म की राजाई नहीं, जन्म-जन्मान्तर की राजाई देने के लिए। कोई ऐसे नहीं हुए हैं गुरू या टीचर जिन्होंने जन्म -जन्मान्तर की राजाई सिखाई हो। राजाएँ तो हुए हैं ना? छोटे-बडे़ राजाएँ देश-विदेश में हुए ना? उनको राजाई करना किसने सिखाया? कब सिखाया ? वो कैसे राजा बन गए ? अरे डाॅक्टर बनते हैं, इंजीनियर बनते हैं, टीचर बनते हैं, वकील बनते हैं, उनको कोई सिखाता है ? सिखाता है तो वो बनते हैं। ये राजाओं को राजाई करना किसने सिखाया? जरूर भगवान ने सिखाया। भगवान आकर के राजयोग सिखाकर के राजाई दे रहा है। बच्चों को बता रहा है बच्चे अभी तो तुम पढ़ लिखकर के नौकर बनते हो। नौकर माने दास-दासी। मैं तुमको दास दासी बनाने नहीं आया हूँ। क्या ? मैं तुमको राजाओं का राजा बनाने के लिए आया हूँ। तो अब जो जन्म-जन्मान्तर की राजाई है वो नहीं लेंगे क्या ?
Vcd- 216
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