वार्तालाप प्वाइंट वार्ता न. 286
स्टूडेन्ट- बाबा, शंकर से क्यों डरते हैं इतना? शंकर से इतना क्यों डरते हैं बी.के.वाले?
बाबा - शंकर से आप क्यों नहीं डरते हैं? पहले इस बात का जवाब चाहिए। शंकर से आप क्यों नहीं डरते और वो शंकर से इतना क्यों डरते हैं? (किसी भाई ने कहा - इसलिए नहीं डरते कि हमको परिचय हो गया शंकर है क्या?) नहीं। 63 जन्म आपने राम वाली आत्मा का, कृष्ण वाली आत्मा का साथ दिया है। इसलिए जो साथ रहने वाले हैं जन्म-जन्मांतर के, उनको डर क्यों लगेगा? और जो विरोधी बन गए और विरोधी बन करके उन्होंने आक्रमण किए, विदेशी बन करके, मुसलमान बन करके, क्रिश्चियन बन करके आक्रमण किए, तो वो तो दुश्मन बन गये ना। तो जो दुश्मन है, वो तो पावरफुल को सामने देख करके डरेगा ना।
समय 22.20- 23.20
भारत अविनाशी धर्मखण्ड क्यों है? कोई कहेगा यहाँ भगवान आते हैं? तो भी सवाल तो ये ही रहा यहाँ भगवान क्यों आते हैं? ये अविनाशी धर्मखण्ड क्यों है जो भगवान यहाँ आते हैं? क्योंकि यहाँ प्योरिटी को मान्यता बहुत है। यहाँ कन्याओं-माताओं जितनी प्योरिटी की तरफ जितना ध्यान दिया जाता है उतना दूसरे धर्मखण्डों में ध्यान नहीं दिया जाता। यहाँ अव्यभिचार का पोषण होता है। अव्यभिचार को बहुत श्रेष्ठ मानते हैं। व्यभिचार को बहुत खराब मानते हैं। तो पवित्रता की वजह से भगवान भारत में आते हैं। और भगवान है भी एवरप्योर। मनुष्य मात्र पवित्र भी बनते हैं तो देवता कहे जाते हैं और जो अपवित्र रहते हैं वो मनुष्य कहे जाते हैं अथवा जास्ती अपवित्र और दुखी बनाने वाले होते हैं तो राक्षस कहे जाते हैं। लेकिन भगवान तो सदा पवित्र है। वो सदाशिव कहा जाता है। वो किसी के तन में प्रवेश करता है तो भी पवित्र आचरण करता है। अपवित्र नहीं बनता। उसकी यादगार शिवलिंग मंदिरों में दिखाई गई है।
Vcd- 286
स्टूडेन्ट- बाबा, परमधाम अभी खाली हो गया?
बाबा - दुनियाँ की आबादी बतायी है सात-सौ, साढे़ सात-सौ करोड़, मनुष्यों की। अभी कितनी आबादी है? पाँच-सौ, छः-सौ करोड़। साढे़ छः-सौ करोड़ हुए होंगे। तो अंत तक ऊपर से उतरने वालों की संख्या बढ़ती रहेगी या घटती रहेगी? और-और ज्यादा आत्माएँ उतरती रहेंगी। (किसी भाई ने पूछा-बाबा, कब वो धरती पर जन्म लेंगे और उसके बाद कब वो कर्म करेंगे?) कब जन्म लेंगे! कब कर्म करेंगे! आजकल के 3-3 साल के बच्चे कम्प्यूटर चलाते हैं। तो जो 3 साल का बच्चा कम्प्यूटर चलाए सकता है, वो बाबा को याद नहीं कर सकता? (किसी ने कहा-अब दुनियाँ तेज हो गयी है) अभी तो फिर भी 30 साल पड़े हुए हैं। और बाबा कहते हैं - तुम सबकी वानप्रस्थ अवस्था है। क्या? अभी सबकी वानप्रस्थ अवस्था है। वानप्रस्थ अवस्था माने अनुभवी। जीवन का जंजाल है, उस जंजाल के अनुभवी होते हैं, उनको कहा जाता है - वानप्रस्थी। बच्चे भी अनुभवी हैं, दुनियाँ के। बल्कि देखा जाए तो आजकल माँ-बाप उतने अनुभवी नहीं हाते हैं, जितने बच्चे अनुभवी होते हैं।
समय-44.35 - 46.24
याद की यात्रा बहुत मीठी है। बच्चे नम्बरवार पुरूषार्थ अनुसार जानते हैं कि जितना बाप को याद करेंगे,उतना बाबा स्वीट लगेगा। याद का बैलेंस बढ़ता जावेगा और बाबा की स्वीटनेस अनुभव होती जावेगी। क्यांेकि सैकरीन है ना। एक बाप ही प्यार करते हैं। बाकी तो दुनिया में सब मार देते हैं। क्यों ? ऐसा किसलिए ? क्योंकि बाप सुप्रीम सोल में देहभान नहीं है और जो भी मनुष्य मात्र हैं सबमें देहभान आता है। देहभान की मार सारी दुनिया को अनुभव होती है। दुनिया सारी एक दो को ठुकराती है ना। बाप प्यार करते हैं। तो उन बाप को तुम बच्चों ने ही जाना है। और कोई जानते भी नहीं है।
Vcd- 212
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