Thursday, October 22, 2020

 अभी परमात्मा बाप आ करके बताय रहे हैं कि बच्चे, जो भी देवताएँ हैं, उन सबको पुनर्जन्म लेना है। पुनर्जन्म लेते-2 जब नीचे गिर जाते हैं फिर हम शूद्र सो ब्राह्मण बनते हैं, ब्राह्मण सो सुधर करके फिर देवता बनते हैं, बनेंगे। अभी परमपिता परमात्मा ने ब्रह्मा को एडाॅप्ट करके ब्राह्मण बनाया है। भक्तिमार्ग में शास्त्रों की पढ़ाई पढ़ाने वाले मनुष्य गुरु तो ये समझते हैं कि ब्रह्मा ने मुँह से कोई आवाज़ निकाली होगी, ‘हुआ’ किया होगा और मुख से ब्राह्मण निकल पड़े। इसलिए शास्त्रों में लिख दिया कि ब्रह्मा के मुख से ब्राह्मण निकले। सृष्टि का (जो) विराट पुरुष है उसके मुख से ब्राह्मण निकले, भुजाओं से क्षत्रिय निकले, जंघाओं से वैश्य निकले और पाँव से शूद्र निकले। अब यह तो अंधश्रद्धा की बात हो गई। वास्तव में इसका गुह्यार्थ है। मनुष्य सृष्टि या मनुष्य रूपी जो विराट स्वरूप है, वो चार भागों में बँटा हुआ है- जिसको सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग कहते हैं।

Vcd- 148

वार्तालाप प्वाइंट        वार्ता न. 334


स्टूडेन्ट- जब सूर्यग्रहण लगता है तब तो खाना भी भक्तिमार्ग में नहीं खाते हैं।


बाबा:- चन्द्रग्रहण में खाते हैं क्या? 


स्टूडेन्ट- दोनों में क्यों नहीं खाते हैं? हजम नहीं होता है या क्यों?

 

बाबा:- वो खाने की बात नहीं है। जब वो लास्ट पेपर होता है, फाइनल पेपर तो उस फाइनल पेपर के समय, जैसे दुनिया में जो फाइनल पेपर होता है उस समय खाना, पीना सारा भूल जाते हैं। ऐसे ही यहाँ भी जब फाइनल पेपर होगा तो जो भी पुरूषार्थी है वो खाना भी भूल जाएँगे। जो योग का भोजन है, जो याद का भोजन है वो उनको भूलेगा।


समय 20.50


मैं आता हूँ तो मुकर्रर रथ में आ करके आदि से लेकर अंत तक तुमको ज्ञान सुनाता हूँ। जब तक जीना है देह-अभिमान में, तब तक पीना है। तो एक का ही, एक को ही कहना है पतित-पावन। ऐसे नहीं कि ब्रह्मा बाबा भी पतित-पावन, कुमारिका दादी भी पतित-पावन, सरस्वती भी पतित-पावन ऐसे कहेंगे? नहीं। और गंगा? गंगा पतित-पावन? नहीं। तो ज़रूर वो एक आवे तब तो पतित से पावन बनावे ना! तो दुनिया वालों से पूछो, उन दुनिया वालों, भक्तिमार्ग वालों की शूटिंग करने वाली उन ब्रह्माकुमार-कुमारियों से पूछो कि वो एक पावन तुमको मिला? जो एक बार सुनाना-समझाना शुरू करता है तो बंद करता ही नहीं, भले गवर्नमेंट उसका नॉन-वैल्यूएबल वारंट निकाल दे तो बंद कर देगा?  नहीं, वो बंद ही नहीं करता है। तो बताया- और वो आवेगा तुम्हारे पास, आवेगा ना! आवेगा तो कोई एक को पतित से पावन बनावेगा या सारी दुनिया को पतित से पावन बनावेगा? सारी दुनिया को पतित-से-पावन बनावेगा।

Vcd- 2900

वार्तालाप प्वाइंट        वार्ता न. 331


स्टूडेन्ट- बाबा, हमको कोर्स कराने को नहीं आता है।


बाबा - कोर्स कराने नहीं आता है। 


स्टूडेन्ट- दिल्ली में एक माता को बोला।


बाबा - लेकिन फोर्स भर दिया कोई में कि नहीं? भट्ठी कराने के लिए कोई में फोर्स भर दिया कि नहीं? भरा ना। तो बस, फोर्स भरना माना कोर्स करना। कोई को ऐसी - ऐसी बातें सुना दी की उसके अंदर फोर्स भर गया कि हम तो अब नया जन्म लेंगे जाके। भट्ठी जरूर करेंगे।

समय - 44.25

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